Wednesday, 27 September 2017

‘नवरात्र’

नव शब्द का अर्थ है नौ अथवा नया। अमावस्या की रात से अष्टमी तक या पड़वा से नवमी की दोपहर तक व्रत नियम चलने से नौ रात यानी ‘नवरात्र’ नाम सार्थक है। इनको व्यक्तिगत रूप से महत्त्व देने के लिए नौ दिन नौ दुर्गाओं के लिए कहे जाते हैं।

पुरातन समय में दुर्गम नाम के दैत्य ने कठोर तप के बल पर परम पिता ब्रह्मा को खुश कर उनसे वर प्राप्ति के उपरांत चार वेदों व पुराणों को अपने अधीन करके कहीं छिपा दिया। वेदों पुराणों के प्रत्यक्ष न होने से सारे जग में वैदिक कर्मकाण्ड बंद हो गए और पृथवी वासी घोर अकाल से तड़पने लगे। सभी दिशाओं में हाहाकार मच गया। सृष्टि विनाश के कगार पर पहुंच गई।

सृष्टि को बचाने के लिए देवताओं ने उपवास रखकर नौ दिन तक मां दुर्गा की उपासना की और माता से सृष्टि को बचाने की विनती की। अपने भक्तों की पुकार पर मां ने असुर दुर्गम को युद्ध के लिए ललकारा। दोनों के बीच भंयकर युद्ध का आगाज हुआ। मां ने दुर्गम का संहार कर देवताओं को निर्भय कर दिया। तभी से नव व्रत अर्थात नवरात्र का शुभारंभ हुआ।

-श्री मुकेश कुकरेती द्वारा वाट्सैप समूह 'KBM-सदस्य 2017-18' में प्रेषित, दिनांक 27.09.2017

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